
बिलासपुर। शहर और आसपास के इलाकों में युवाओं की जिंदगी में जहर घोल रहे नशे के कारोबारियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने अब सप्लाई नेटवर्क की जड़ पर चोट की है। स्थानीय स्तर पर हेरोइन (चिट्टा) बेचने वाले पेडलर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पंजाब के अमृतसर तक पहुंच बनाई और कथित मुख्य सप्लायर रविंद्रजीत सिंह उर्फ रिंकू (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में ACCU बिलासपुर और थाना सकरी की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है।
इस कार्रवाई की खास बात यह है कि पुलिस ने केवल नशा बेचने वाले स्थानीय आरोपी को गिरफ्तार कर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं मानी, बल्कि उसके पीछे सक्रिय सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने के लिए एंड-टू-एंड विवेचना शुरू की। इसी जांच के दौरान बिलासपुर में खपाई जा रही हेरोइन के तार अमृतसर से जुड़े मिले।
दरअसल, करीब एक सप्ताह पहले 24 अक्टूबर 2025 को बिलासपुर पुलिस ने उसलापुर बाजार के पास कार्रवाई करते हुए दीपक वालिया (32 वर्ष), निवासी अमृतसर, हाल मुकाम उसलापुर बिलासपुर को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 11.73 ग्राम हेरोइन, जिसकी कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई, और 10,500 रुपये नगद बरामद किए गए थे। इस मामले में थाना सकरी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 22 और 29 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
दीपक वालिया से पूछताछ और बिलासपुर साइबर सेल से मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को पता चला कि शहर में बेची जा रही हेरोइन की सप्लाई के पीछे अमृतसर निवासी रविंद्रजीत सिंह उर्फ रिंकू का हाथ है। इसके बाद एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर ACCU और सकरी पुलिस की विशेष टीम पंजाब रवाना की गई।
अमृतसर पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर रविंद्रजीत सिंह उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महेंद्रा एवेन्यू, सुल्तान विंड, अमृतसर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसे बिलासपुर लाया गया, जहां थाना सकरी में एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई ने नशे के कारोबार में सक्रिय अंतरराज्यीय नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी को सामने ला दिया है। अब जांच का सबसे अहम पहलू यह होगा कि अमृतसर से बिलासपुर तक नशे की खेप पहुंचाने में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा स्थानीय स्तर पर इस कारोबार को किन लोगों का संरक्षण या सहयोग मिल रहा था। पुलिस की एंड-टू-एंड विवेचना का उद्देश्य नशे की सप्लाई के स्रोत से लेकर स्थानीय पेडलरों तक पूरी श्रृंखला का पता लगाना है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में ACCU प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, थाना सकरी प्रभारी निरीक्षक संजय शिंदे, एएसआई सुरेंद्र तिवारी, राजेश्वरधर दीवान तथा ACCU के आरक्षक राकेश यादव और रमेश यादव की सराहनीय भूमिका रही।
बिलासपुर पुलिस ने साफ किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर सभी संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमृतसर से मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि बिलासपुर में चिट्टे का जाल कितनी दूर तक फैला है और इस नेटवर्क में अभी कितने चेहरे बेनकाब होने बाकी हैं।

