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वेलकम डिस्लेरी शराब प्लांट से प्रदूषण का मुद्दा: जहरीली गैस से ग्रामीण परेशान, सरकार पर उठे सवाल, देखिए ग्राउंड जीरो की भयावह तस्वीर…

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छेरकाबांधा में स्थित वेलकम डिस्लेरी शराब प्लांट से निकलने वाली जहरीली गैस और प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस गंभीर समस्या को कोटा के विधायक अटल श्रीवास्तव ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाया। उन्होंने प्लांट से होने वाले प्रदूषण और उससे ग्रामीणों को हो रही गंभीर बीमारियों पर सवाल उठाए और पूछा कि ऐसे खतरनाक प्लांट को बार-बार संचालन की अनुमति क्यों दी जा रही है।

ग्रामीणों का संघर्ष और बिगड़ता स्वास्थ्य
छेरकाबांधा गांव और आसपास के क्षेत्रों में प्लांट से निकलने वाली जहरीली गैस का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। कई किलोमीटर की दूरी से ही प्लांट से निकलने वाली बदबू महसूस होती है, और ग्रामीणों को अपने कपड़ों से मुंह ढककर गांव में प्रवेश करना पड़ता है। प्लांट के पास स्थित शासकीय स्कूल के बच्चे इस जहरीले वातावरण में पढ़ने को मजबूर हैं।

गांव के लोगों ने बताया कि प्लांट से निकलने वाले जहरीले रसायनों और बदबू से घर के अंदर और बाहर रहना मुश्किल हो गया है। सिर दर्द, सीने में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं ने ग्रामीणों की दिनचर्या को बाधित कर दिया है। प्लांट के पास स्थित खेत और जलस्रोत काले रंग के प्रदूषित पानी से भर गए हैं, जिससे न केवल फसलें प्रभावित हो रही हैं बल्कि मवेशियों की जान भी खतरे में पड़ रही है।

प्रशासनिक उदासीनता
ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार शिकायतें कीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कलेक्टर और एडीएम को ज्ञापन देने के बावजूद, स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाली गैस और रसायनों की जांच और रोकथाम के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए।

विधानसभा में उठा मुद्दा
विधानसभा में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि ऐसे प्रदूषण फैलाने वाले प्लांट को बार-बार संचालन की अनुमति क्यों दी जाती है। इसके जवाब में मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि समय-समय पर प्लांट के खिलाफ पेनाल्टी की कार्रवाई की गई है। हालांकि, इस बयान से ग्रामीण और विधायक संतुष्ट नहीं हैं।

कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा कि वेलकम डिस्लेरी शराब प्लांट से निकलने वाले जहरीले गैस और प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है। यदि जल्द ही इस प्लांट के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व करेगी।

ग्रामीणों की उम्मीदें और सवाल
ग्रामीणों की उम्मीद है कि सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द समाधान निकालेगा। सवाल यह उठता है कि क्या केवल पेनाल्टी लगाना पर्याप्त है, या इस प्लांट के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी?

छत्तीसगढ़ के इस गांव में फैली जहरीली गैस न केवल एक पर्यावरणीय संकट है, बल्कि यह शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़ा करती है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।

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