छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सूदखोरी की रकम वसूलने के लिए एक रेलवे कर्मचारी का अपहरण कर बंधक बना लिया गया। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की इस घटना ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन को अलर्ट कर दिया। सिरगिट्टी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को सकुशल छुड़ा लिया, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
रेलवे कर्मचारी अमीर अहमद को देर शाम सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला और उसके गुर्गों ने अपहरण कर लिया। जानकारी के अनुसार, अमीर अहमद ने महिला से उधार राशि ली थी, जिसे वसूलने के लिए महिला ने अपने साथियों के साथ यह अपराध किया। अमीर अहमद को नयापारा इलाके के एक मकान में रस्सियों से बांधकर बंधक बनाया गया।
बाध्य स्थिति में रेलवे कर्मचारी ने किसी तरह एक फोन का इस्तेमाल कर अपने परिवार को सूचना दी। इसके बाद परिजन सिरगिट्टी थाने पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कर्मचारी की लोकेशन ट्रेस की और उसे सुरक्षित बचा लिया।
सूत्रों के मुताबिक, अपहरणकर्ता आदतन अपराधी प्रवृत्ति के हैं। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी महिला पहले भी अवैध शराब, गांजा, मेडिकल नशा, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त रही है। महिला के साथ उसके परिवार के अन्य सदस्य भी इन अपराधों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
इस मामले में ऑडियो क्लिप भी सामने आए हैं, जिनमें रेलवे कर्मचारी ने डरे हुए स्वर में घटना और बंधक बनाए गए स्थान का विवरण दिया। यह क्लिप पुलिस जांच के लिए अहम सबूत साबित हो रही हैं।
सिरगिट्टी थाने के दो आरक्षक, रौनक पांडे और लक्ष्मी कश्यप, ने अपनी सतर्कता और ईमानदारी से रेलवे कर्मचारी को बचाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपहृत कर्मचारी को सुरक्षित वापस लाया।
सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की और कर्मचारी को सुरक्षित बचा लिया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया जाएगा।
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