बिलासपुर।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रतनपुर स्थित महामाया देवी मंदिर में सप्तमी तिथि पर आस्था और भक्ति का विराट स्वरूप देखने को मिला। लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता महामाया के दर्शन के लिए दूर-दराज़ इलाकों से पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं की इस विशाल भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नज़र आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा के अभेद्य प्रबंध किए गए।
सप्तमी तिथि पर भीड़ अनुमान से कहीं अधिक रही। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल को कदम-कदम पर तैनात किया गया। भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नज़र रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया।

सघन चेकिंग में निकले हथियार
आस्था के इस महापर्व में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले, इसके लिए हजारों असामाजिक तत्वों की सघन चेकिंग की गई। इस चेकिंग के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में हथियारनुमा वस्तुएं जब्त कीं।
- 1000 से अधिक चुड़ा, पंच, कैंची और चाकू पुलिस ने बरामद किए।
इन सामानों को जप्त कर यह सुनिश्चित किया गया कि भीड़ में इनका दुरुपयोग न हो सके।
बदमाश गिरफ्तार, जेल दाखिल
भीड़ में अव्यवस्था फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई संदेश देती है कि पुलिस किसी भी प्रकार के उपद्रव या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।

एसएसपी ने खुद किया सुरक्षा का निरीक्षण
नवरात्रि की इस विशेष पदयात्रा ड्यूटी में स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने फील्ड में रहकर सुरक्षा का जायज़ा लिया। वे देर रात तीन बजे तक नगर भ्रमण पर रहे और सुरक्षा इंतज़ामों की बारीकी से निगरानी की। इससे पुलिस बल में भी अतिरिक्त सतर्कता और अनुशासन दिखाई दिया।
पैदल और वाहन पेट्रोलिंग से रहा नियंत्रण
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने और रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए 10 पैदल गश्त और वाहन पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय किया गया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग और अस्थायी चौकियां लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने के उपाय किए गए।
श्रद्धालुओं ने सराहा पुलिस की मुस्तैदी
संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के चलते माता महामाया के दर्शन के लिए आए श्रद्धालु न सिर्फ सुरक्षित महसूस कर पाए, बल्कि उन्होंने पुलिस प्रशासन की इस सतर्कता और तत्परता की सराहना भी की। भीड़ प्रबंधन, चेकिंग और गश्त से यह सुनिश्चित हुआ कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हो।
👉 नवरात्रि सप्तमी पर बिलासपुर पुलिस ने जिस प्रकार सुरक्षा का मजबूत कवच तैयार किया, उससे लाखों श्रद्धालु बिना किसी डर और बाधा के अपनी आस्था को पूर्ण कर सके। यह पुलिस की सतर्कता, अनुशासन और मेहनत का प्रत्यक्ष उदाहरण बनकर सामने आया।


