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गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय फिर सवालों के घेरे में: कैंपस के तालाब से मिला छात्र का शव, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर प्रश्न…

बिलासपुर।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्रों की सुरक्षा को लेकर विवादों में आ गया है। शुक्रवार सुबह कैंपस परिसर स्थित तालाब से एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान विश्वविद्यालय के ही छात्र असलम अंसारी (तीसरे वर्ष, भौतिकी विभाग) के रूप में हुई है, जो बीते मंगलवार से लापता था।

परिजनों और छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि तीन दिन तक छात्र हॉस्टल से गायब रहा, लेकिन वार्डन और प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। शव की पहचान असलम के भाई ने की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


तीन दिन तक लापता रहा छात्र, हॉस्टल प्रबंधन बेखबर

बताया जा रहा है कि असलम अंसारी मंगलवार शाम से हॉस्टल से लापता था। साथियों ने पहले तो उसे किसी रिश्तेदार के यहां गया मानकर अनदेखा किया, लेकिन दो दिन बाद जब वह संपर्क में नहीं आया, तो मामला गंभीर हुआ। गुरुवार रात परिजनों को सूचना दी गई और शुक्रवार सुबह यूनिवर्सिटी के तालाब में शव मिलने की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

छात्रों का कहना है कि यदि हॉस्टल प्रबंधन ने समय पर गुमशुदगी की जानकारी पुलिस या परिवार को दी होती, तो शायद असलम की जान बचाई जा सकती थी।


छात्र संगठनों ने प्रशासन पर साधा निशाना

घटना के बाद ABVP समेत अन्य छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। छात्रों ने कैंपस में बढ़ते सुरक्षा अभाव और प्रबंधन की अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी की।

ABVP के पदाधिकारियों ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।


पहले भी घिर चुका है विश्वविद्यालय

यह पहली बार नहीं है जब गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में इस तरह की घटना सामने आई हो।

  • कुछ माह पहले गर्ल्स हॉस्टल से एक छात्रा के लापता होने का मामला सुर्खियों में रहा था।
  • वहीं, मारपीट, नशे और अनुशासनहीनता जैसे विवादों से भी विश्वविद्यालय का कैंपस कई बार चर्चा में आ चुका है।

इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा प्रणाली और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


अब सवाल — आखिर छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?

केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं प्रशासन की निष्क्रियता को उजागर करती हैं। छात्रों और अभिभावकों के मन में अब यह बड़ा सवाल है कि —
“जब हॉस्टल और कैंपस के भीतर भी छात्र सुरक्षित नहीं, तो आखिर जिम्मेदारी किसकी है?”

पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि असलम की मौत हादसा है, आत्महत्या या किसी साजिश का नतीजा — लेकिन इतना तय है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से पुनर्विचार करना होगा।

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