बिलासपुर। नंबर प्लेट पर टेप चिपकाकर, कागज लगाकर, मैग्नेट या कपड़े से नंबर ढंककर और प्लेट को मोड़कर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ बिलासपुर यातायात पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नंबर प्लेट छिपाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में अब तक 724 वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में करीब 7 लाख 24 हजार रुपये का चालान शुल्क जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक कई मामलों को न्यायालय में पेश कर आर्थिक दंड भी कराया गया, जबकि कुछ मामलों में स्थानीय पुलिस के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई तक की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस लगातार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ऐसे वाहनों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, जिनकी नंबर प्लेट जानबूझकर इस तरह बदली या ढंकी गई हो कि वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाए।
पुलिस के मुताबिक वाहन चालक चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट के साथ कई तरह की चालाकियां करते हैं। कोई नंबर के ऊपर कागज चिपका देता है, तो कोई टेप, मैग्नेट, स्टीकर, कपड़ा या पॉलीथिन का इस्तेमाल करता है। कुछ वाहन चालक नंबर प्लेट पर पेंट कर नंबरों को अस्पष्ट कर देते हैं, जबकि कुछ प्लेट को मोड़कर नंबर छिपाने की कोशिश करते हैं। ऐसे सभी तरीकों को यातायात पुलिस गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई कर रही है।
यातायात पुलिस ने शहर के अलग-अलग यातायात पॉइंट और चेकिंग स्थानों पर तैनात बल को विशेष रूप से ब्रीफ किया है। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि नंबर प्लेट में छेड़छाड़ अथवा नंबर प्लेट छिपाकर चलने वाले वाहनों पर लगातार नजर रखी जाए। बिना नंबर प्लेट या छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट वाले वाहन नजर आने पर तत्काल संबंधित टीम और स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देने की व्यवस्था भी की गई है।
पुलिस का कहना है कि यदि कोई वाहन तेज रफ्तार के कारण तत्काल रोका नहीं जा सके तो उसकी सूचना आगे के यातायात पॉइंट और चौक-चौराहों पर दी जाएगी, ताकि वाहन को आगे रोका जा सके। इस व्यवस्था के जरिए नंबर प्लेट छिपाकर कार्रवाई से बचने की कोशिश करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की तैयारी है।
यातायात पुलिस के अनुसार नंबर प्लेट से छेड़छाड़ को केवल चालान से बचने की कोशिश के तौर पर नहीं देखा जा सकता। पुलिस का तर्क है कि स्पष्ट नंबर प्लेट वाहन की पहचान का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में नंबर छिपाकर चलने वाले वाहनों पर निगरानी रखना कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि विभिन्न स्थानों पर आपराधिक घटनाओं में ऐसे वाहनों के इस्तेमाल के मामले सामने आते रहे हैं, जिनकी पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट को ढंका या बदला गया था। चोरी के वाहनों को नंबर प्लेट पर टेप या अन्य सामग्री लगाकर चलाने के मामलों में भी आरोपियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की गई है।
इसी वजह से बिलासपुर यातायात पुलिस ने साफ कर दिया है कि नंबर प्लेट से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस की नजर अब सिर्फ बिना हेलमेट या मॉडिफाइड साइलेंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन की पहचान छिपाने की कोशिश करने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
724 कार्रवाई के बाद भी अभियान जारी
अब तक 724 वाहन चालकों पर कार्रवाई और 7.24 लाख रुपये के चालान शुल्क के आंकड़े के बाद यातायात पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि नंबर प्लेट छिपाकर सड़क पर निकलना वाहन चालकों के लिए भारी पड़ सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन में नंबर प्लेट स्पष्ट, निर्धारित मानक के अनुरूप और विधि के अनुसार लगी हो।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि अपने वाहन के सभी दस्तावेज दुरुस्त रखें और नंबर प्लेट को किसी भी तरह से ढंकने, मोड़ने, बदलने या अस्पष्ट करने से बचें। पुलिस के मुताबिक नियमों का पालन करने से न केवल चालानी और न्यायिक कार्रवाई से बचा जा सकता है, बल्कि वाहन की पहचान भी स्पष्ट बनी रहती है।
बिलासपुर यातायात पुलिस का संदेश साफ है—नंबर प्लेट छिपाई तो कार्रवाई तय है। अभियान आगे भी जारी रहेगा और सड़क पर ऐसे वाहनों पर पुलिस की नजर लगातार बनी रहेगी।


