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बिलासपुर में बैंक से धोखाधड़ी का मामला उजागर, वृंदावन कॉम्प्लेक्स की दुकान पर लिया था लोन, फिर बैंक को बिना बताए कर दी बिक्री…

बिलासपुर। बैंक में संपत्ति बंधक रखकर लोन लेने के बाद उसी संपत्ति को बैंक की जानकारी के बिना दूसरे व्यक्ति को बेचने का मामला सामने आया है। बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र में वृंदावन कॉम्प्लेक्स स्थित एक दुकान को लेकर कथित धोखाधड़ी के मामले में तारबाहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 55 वर्षीय आरोपी फनीन्द्र मिश्रा उर्फ फणीन्द्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बैंक ऑफ इंडिया की बंधक संपत्ति को कथित तौर पर बेचकर बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है। पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामले में प्रार्थी सूरज कुमार, उम्र 41 वर्ष, निवासी सेक्टर-24, नया रायपुर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बिलासपुर के वृंदावन कॉम्प्लेक्स के प्रथम तल पर स्थित दुकान क्रमांक ए-308 को आरोपी फनीन्द्र मिश्रा ने 16 अक्टूबर 2020 को बैंक ऑफ इंडिया की व्यापार विहार शाखा के पास बंधक रखकर लोन लिया था।

बंधक संबंधी शर्तों के मुताबिक, बैंक का ऋण सुरक्षित रहने तक संबंधित संपत्ति को बैंक की अनुमति के बिना बेचने पर प्रतिबंध था। इसके बावजूद आरोपी ने कथित तौर पर बैंक को जानकारी दिए बिना 11 जुलाई 2022 को उक्त दुकान बबीता बजाज को 21 लाख 11 हजार रुपये में बेच दी।

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बैंक में बंधक संपत्ति के संबंध में कथित तौर पर झूठा शपथ-पत्र देकर दुकान की बिक्री की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद दुकान की रजिस्ट्री और नामांतरण भी कराया गया। आरोप है कि इस पूरे मामले में बैंक को अंधेरे में रखकर उसे सदोष आर्थिक हानि पहुंचाई गई।

बंधक संपत्ति को बिना बैंक की जानकारी के बेचने और कथित तौर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर हस्तांतरण कराने के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब पुलिस विवेचना के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश करेगी कि संपत्ति की बिक्री किस प्रक्रिया से हुई और इसमें किन तथ्यों की भूमिका रही।

मामले की शिकायत के आधार पर थाना तारबाहर, जिला बिलासपुर में अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 420 भादवि में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने विद्यानगर स्थित शिव मंदिर के पास रहने वाले 55 वर्षीय फनीन्द्र मिश्रा उर्फ फणीन्द्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

यह मामला एक बार फिर संपत्ति के बदले बैंक से ऋण लेने और उसके बाद संपत्ति के हस्तांतरण से जुड़े नियमों के पालन पर सवाल खड़े करता है। बैंक में बंधक रखी संपत्ति का कथित रूप से बिना जानकारी बिक्री किया जाना न केवल वित्तीय संस्थान के हितों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि खरीदार के लिए भी कानूनी जटिलताएं पैदा कर सकता है।

फिलहाल मामले में आरोपी पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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