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आस्था का उमड़ेगा जनसैलाब, मां महामाया मंदिर रतनपुर तक निकलेगी ऐतिहासिक चुनरी यात्रा; 51 पंडितों के शंखनाद और 11 पंडितों की महाआरती से गूंजेगा भक्तिमय माहौल…

बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर न्यायधानी बिलासपुर में भक्ति, आस्था और शक्ति उपासना का भव्य संगम देखने को मिलेगा। आगामी 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को अरपा रिवर व्यू से रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर तक ऐतिहासिक चुनरी यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में सामूहिक शंखनाद, अरपा मैया की महाआरती और मां महामाया की भव्य आराधना प्रमुख आकर्षण होंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म और आस्था के इस महापर्व के साक्षी बनेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे अरपा रिवर व्यू में 51 पंडितों के सामूहिक शंखनाद से होगी। शंखनाद की गूंज के बीच धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा। इसके पश्चात 11 पंडितों द्वारा अरपा मैया की महाआरती की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ अरपा नदी के प्रति श्रद्धा और जनमानस में आध्यात्मिक चेतना को प्रोत्साहित करना है।

महामाया चौक से रतनपुर तक निकलेगी चुनरी यात्रा

चुनरी यात्रा का मार्ग बिलासपुर के महामाया चौक से शुरू होकर सेंदरी और भैरव बाबा मंदिर होते हुए रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर तक निर्धारित किया गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां महामाया के जयकारों और भक्ति भाव के साथ आगे बढ़ेंगे। नवरात्रि के दौरान मां महामाया के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को देखते हुए इस यात्रा को विशेष धार्मिक महत्व का आयोजन माना जा रहा है।

यात्रा के रतनपुर पहुंचने पर मां महामाया मंदिर के मुख्य द्वार पर एक बार फिर 51 पंडितों द्वारा सामूहिक शंखनाद किया जाएगा। इसके बाद 11 पंडितों की अगुवाई में भव्य महामाया आरती का आयोजन होगा। शंखनाद और आरती के इस विशेष कार्यक्रम के साथ चुनरी यात्रा का धार्मिक समापन होगा।

अल्पाहार और मेडिकल सुविधा

आयोजकों ने यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रास्ते में जगह-जगह निःशुल्क पेयजल, चाय-कॉफी, शरबत और अल्पाहार की व्यवस्था करने की जानकारी दी है। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर मेडिकल सहायता और प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल मदद मिल सके।

आयोजकों के अनुसार, यात्रा में संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सेवा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी की संभावना के मद्देनजर यात्रा को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की तैयारी की गई है।

आशीष मोनू अवस्थी की श्रद्धालुओं से अपील

आयोजक आशीष मोनू अवस्थी ने बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं और नागरिकों से इस ऐतिहासिक चुनरी यात्रा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से 17 अक्टूबर को शाम 5 बजे अरपा रिवर व्यू पहुंचकर सामूहिक शंखनाद, अरपा मैया की महाआरती और चुनरी यात्रा के धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया है।

शारदीय नवरात्रि के बीच आयोजित होने जा रही यह चुनरी यात्रा बिलासपुर से रतनपुर तक भक्ति और श्रद्धा का संदेश लेकर निकलेगी। अब श्रद्धालुओं की निगाहें 17 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब अरपा तट से उठने वाला शंखनाद और मां महामाया की आराधना का उत्साह पूरे मार्ग को भक्तिमय बनाने की उम्मीद है।

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