बिलासपुर।
भारत सरकार द्वारा 13 जनवरी को जारी UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) बिल की अधिसूचना के विरोध में शुक्रवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर सर्व सवर्ण समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र हुए और कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए उक्त अधिसूचना को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि UGC बिल के वर्तमान स्वरूप से देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सर्व सवर्ण समाज का मानना है कि इस अधिसूचना के लागू होने से शिक्षा के मंदिरों में जातिवाद को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारा कमजोर होगा। समाज ने आशंका जताई कि इस बिल का भविष्य में दुरुपयोग भी किया जा सकता है, जिससे समाज में वैमनस्य और असंतोष की स्थिति उत्पन्न होगी।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिक्षा का उद्देश्य समान अवसर और योग्यता के आधार पर विकास होना चाहिए, न कि किसी प्रकार के सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देना। समाज ने स्पष्ट कहा कि यह अधिसूचना न तो समाज हित में है और न ही राष्ट्र हित में, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान सर्व सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। भविष्य में धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और सड़क जाम जैसे कदम उठाए जा सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और केंद्र सरकार की होगी।
मौके पर पहुंचे कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समाज के प्रतिनिधियों से ज्ञापन प्राप्त करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों से संबंधित पत्र राष्ट्रपति महोदया को नई दिल्ली भेज दिया जाएगा।
फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन सर्व सवर्ण समाज ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।


