बिलासपुर। शहर और आसपास के इलाक़ों में पिछले कुछ दिनों के भीतर दो सनसनीखेज़ वारदातों ने माहौल को दहला दिया। एक तरफ़ ज़मीन के विवाद ने 48 वर्षीय किसान की जान ले ली, तो दूसरी तरफ़ पुरानी अदावत (दुश्मनी) ने एक 26 वर्षीय युवक की ज़िंदगी छीन ली। दोनों मामलों में पुलिस की तेज़ और सटीक कार्रवाई ने महज़ चंद घंटों और तीन दिनों के भीतर आरोपियों को क़ाबू कर लिया।
1. चोरभट्ठीखुर्द में ज़मीन विवाद ने ली जान, 48 वर्षीय मनबोध यादव का बेरहमी से कत्ल
सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम चोरभट्ठीखुर्द में ज़मीन के पुराने तनाज़े (विवाद) ने एक परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं। बुधवार को 48 वर्षीय मनबोध यादव का शव भैराबांधा तालाब के पास खून से लथपथ हालत में मिला।
प्रार्थी मयंक यादव ने पिता की हत्या की सूचना पुलिस को दी। मामला गम्भीर समझते हुए पुलिस ने अपराध क्र. 956/2025, धारा 103(1), 61(2) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर ASP (City) राजेन्द्र जायसवाल और CSP (Civil Line) निमितेश सिंह परिहार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई। महज़ कुछ ही घंटों में पुलिस ने गाँव के तीनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्या की वजह जमीन को लेकर चल रहा तनाव था, जो धीरे-धीरे खूनी संघर्ष (blood clash) में बदल गया।
2. कोटा में धीरज साहू की गुमशुदगी से लेकर तालाब में मिली लाश तक – तीन दिनों में पुलिस ने खोला पूरा राज़
कोटा थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय धीरज साहू की गुमशुदगी ने पूरे मामले को शुरुआत से ही संदिग्ध बना दिया था। 30 नवंबर की रात वह पोल्ट्री फार्म में सोने गया, लेकिन अगली सुबह गायब मिला। परिजनों की शिकायत पर 1 दिसंबर को गुम इंसान दर्ज किया गया।
तालाब में मिली लाश, और खुला कत्ल का राज़…
7 दिसंबर को घोड़ा मार बांधा तालाब में एक युवक की लाश मिली। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव की पहचान धीरज के रूप में की। शॉर्ट पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ हो गई—यह हत्या का मामला था। इसके बाद पुलिस ने धारा 103(1), 238 BNS के तहत अपराध दर्ज किया।
तकनीकी साक्ष्यों ने खोला पूरा मामला
CCTV फ़ुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों—
- अनिल साहू (28)
- जगन्नाथ उर्फ़ अंगद साहू (18)
को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि करीब एक साल पुरानी रंजिश की वजह से उन्होंने धीरज को मौत के घाट उतारा।
मोटर पंप दिखाने के बहाने बुलाया, चाकू से हमला, फिर पत्थर बाँधकर तालाब में फेंका
आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से धीरज को मोटर पंप दिखाने के बहाने बुलाया, फिर चाकू से वार कर हत्या कर दी। बाद में शव पर पत्थर बाँधकर तालाब में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। हत्या में प्रयुक्त चाकू, मोटरसाइकिल (CG 10 BG 1727) और अन्य साक्ष्य पुलिस ने बरामद कर लिए।
ASP (Rural) डॉ. अर्चना झा और ASP (ACCU) के मार्गदर्शन में टीम ने भाग रहे दोनों आरोपियों को महाराष्ट्र सीमा से दबोच लिया। एसपी रजनेश सिंह ने उनकी तेज़, जाँबाज़ और मुस्तैद कार्रवाई (swift & dedicated action) की सराहना करते हुए टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
दोनों मामलों में बेशक वजहें अलग थीं—
- एक में ज़मीन का झगड़ा,
- दूसरे में पुरानी दुश्मनी (old enmity)—
लेकिन दोनों ने दो परिवारों की दुनिया तबाह कर दी। अच्छी बात यह रही कि बिलासपुर पुलिस ने अपनी फुर्ती, तकनीकी दक्षता और जाँबाज़ी के दम पर दोनों वारदातों को कम समय में सुलझा कर आरोपियों को क़ानून के हवाले कर दिया।


