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गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच झड़प: एक-दूसरे पर लात-घूंसों से हमला, देखें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो…

Clash between students at Guru Ghasidas Central University: Attacked each other with kicks and punches, see video viral on social media...

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई जब छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। बीटेक के सीनियर और जूनियर छात्रों के बीच किसी विवाद को लेकर हिंसा भड़क गई, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हाथ-मुक्कों से हमला करना शुरू कर दिया। इस झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे घटना को लेकर लोगों में काफी चर्चा हो रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, झगड़ा विश्वविद्यालय कैंपस में हुआ। छात्रों के बीच प्रारंभिक तकरार ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया और वे एक-दूसरे पर लात-घूंसों से हमला करने लगे। इस दौरान कुछ छात्रों ने बीच-बचाव करने का प्रयास भी किया, लेकिन हिंसा को रोकने में असफल रहे। घटना इतनी गंभीर थी कि कैंपस में खड़े अन्य छात्रों ने इसे अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिससे यह वायरल हो गया।

हालांकि मारपीट का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यह किसी छोटी-सी बात पर शुरू हुआ विवाद था जिसने जल्दी ही एक गंभीर रूप ले लिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और पुलिस में भी अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

कैंपस में सुरक्षा पर सवाल:
इस घटना ने विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों के बीच बढ़ते आपसी तनाव और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली हिंसा पर विचार करना अत्यावश्यक हो गया है। इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो:
मारपीट के इस वीडियो के वायरल होने से विश्वविद्यालय और स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। लोग सोशल मीडिया पर छात्रों की हिंसा और उनके भविष्य पर सवाल उठा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन से अब यह अपेक्षा की जा रही है कि वह जल्द ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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