बिलासपुर/दिल्ली, 11 नवंबर 2025।
राजधानी दिल्ली सोमवार देर शाम जोरदार धमाके से दहल उठी। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की इमारतों के शीशे चटक गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई आई-20 कार हरियाणा नंबर की बताई जा रही है। फिलहाल कार के नंबर और मालिक की पहचान की जा रही है। मौके पर दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल, एसएफएल टीम, एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) की टीमें पहुंच गई हैं। पूरे इलाके को घेरकर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड द्वारा सघन तलाशी ली जा रही है। प्रारंभिक जांच में विस्फोट में उच्च गुणवत्ता वाले विस्फोटक पदार्थ के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।
घायलों का इलाज जारी
घायलों को तत्काल एलएनजेपी अस्पताल और नजदीकी अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी हैं।
बिलासपुर पुलिस भी सतर्क, SSP ने दिए निर्देश
दिल्ली धमाके के बाद छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने जिलेभर में उच्च सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए सभी थानों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी ने बताया कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, कोर्ट परिसर, होटल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में फुट पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी
साइबर सेल और इंटेलिजेंस यूनिट को भी अलर्ट कर दिया गया है। होटल, लॉज और गेस्ट हाउस में ठहरे यात्रियों की पहचान की जांच की जा रही है। बिलासपुर पुलिस ने बताया कि संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
देशभर में अलर्ट
दिल्ली धमाके के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सुरक्षा बढ़ाने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सतर्कता रखने के निर्देश जारी किए हैं। मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच को और कड़ा किया गया है।
जांच के केंद्र में विस्फोटक की प्रकृति और मकसद
एनआईए और एनएसजी की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह धमाका आतंकी साजिश का हिस्सा था या किसी अन्य आपराधिक रैकेट से जुड़ा है। कार के अवशेषों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में टाइमर डिवाइस या रिमोट-ऑपरेटेड बम की संभावना जताई जा रही है।
अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित एंगल से जांच कर रही हैं।


