छत्तीसगढ़

नारायणपुर: किसानों में आयी खुशहाली, सामुदायिक सिंचाई पंप से कर रहे खेती…रबी-खरीब फसल के साथ हरी सब्जी पैदाकर बढ़ा रहे आमदनी…

नारायणपुर/नीलाम्बर सेठिया: आधुनिक कृषि सौर सिंचाई का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। क्योंकि न केवल खेती की लागत कम होती है। बल्कि इससे किसान हर समय सिंचाई का लाभ ले सकता है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य एवं केद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही है। जिसका लाभ जिले के कई किसानों को दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही सौर सुजला योजना का एक घटक है। जिले के ओरछा और नारायणपुर के ग्राम कस्तूरमेटा के सुरेश, तारागांव के किसान हितग्राही सर्वश्री हरचंद्र भादुराम, सुगराम, रामदयाल, सब्बुराव, सेवत, सोमनाथ और खेमचंद भी सामुदायिक सिंचाई परियोजना के तहत सोलर सिंचाई पम्प से अपने खेतों को सींच रहे है। इसके अलावा जिले के अन्य गांव के किसान भी रबी-खरीफ की फसल के अलावा हरी साग-सब्जी, बैंगन, ककड़ी भिण्डी, बरबटी, तोरई आदि की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे है।

सामुदायिक सिंचाई परियोजना‘‘ के तहत नदी या नहर अथवा अन्य सामुदायिक जल स्त्रोत सोलर पम्प से लेकर कृषक को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। नारायणपुर जिले में तीन फेस में 1916 सोलर सिंचाई पम्प किसानों के खेतों में सिंचाई एवं अच्छी फसल के लिए स्थापित किए जा चुके है। सहायक अभियंता रविन्द्र भारद्वाज ने जानकारी में बताया कि इस योजना के फेस 4 में 600 सोलर पम्प स्थापित करने का लक्ष्य है। जिसमें से 546 किसान हितग्राही के लिए और 54 सिंचाई पम्प गौठान/चारागाह में स्थापित होंगे। जिले में 457 सोलर पम्पों की स्वीकृति भी जारी हो गयी है। जिसमें 30 गौठान/चारागाह के लिए है। शेष किसानों के खेतों में स्थापित किए जा रहे है। कोरोना लॉकडाउन के कारण काम प्रभावित हुआ है। अब काम शुरू किया गया है। फेस-4 में 16 किसानों के खेतों में सोलर पम्प स्थापित हो गये है।

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