स्वास्थ्य

क्या सुरक्षित होगी कम समय में बनने वाली कोरोना वैक्सीन? क्या सभी को लगवाना होगा जरूरी? जानिए टीकाकरण से जुड़े हर सवाल के आसान जवाब…

अमेरिका, ब्रिटेन के बाद जल्द ही भारत में भी कोरोना वायरस के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। दरअसल, माना जा रहा है कि कुछ समय बाद देश को पहली कोरोना वैक्सीन मिल जाएगी, जिसके बाद सरकार टीकाकरण शुरू करेगी। बड़े स्तर पर होने वाले टीकाकरण अभियान में करोड़ों लोगों को शामिल किया जाएगा। सबसे पहले, हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा, जिसके बाद बुजुर्ग लोगों का नंबर आएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया है कि यह टीकाकरण अभियान ठीक उसी तरह से होगा, जैसे कि देश में कोई चुनाव करवाया जाता है। जैसे चुनाव में बूथ स्तर पर तैयारी की जाती है, उसी तरह वैक्सीन लगाने के लिए भी पूरी तैयारी की जाएगी।

देश में कोरोना वायरस का पहला मामला मिले एक साल होने वाला है और महज कुछ ही महीनों के अंदर वैक्सीन को तैयार भी कर लिया गया। अमूमन, किसी भी बीमारी की वैक्सीन बनाने में कई सालों का समय लग जाता है, लेकिन महामारी के इस दौर में वैज्ञानिकों ने महज कुछ ही महीनों में वैक्सीन बनाने का चमत्कार कर दिखाया है। कम समय में तैयार होने की वजह से लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहैं। कइयों के मन में वैक्सीन से साइड इफेक्ट होने की आशंका है तो कोई पूछ रहा है कि क्या सभी को ये वैक्सीन लगवाना जरूरी होगा? कोरोना वैक्सीन से जुड़े इन तमाम सवालों को लेकर केंद्र सरकार ने खुद जवाब दिए हैं। जानिए वे सवाल और उनके जवाब…

क्या जल्द आ सकती है कोरोना वैक्सीन?

हां, कई कोरोना वैक्सीन के ट्रायल हो चुके हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक और फाइजर ने कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी अप्रूवल के लिए आवेदन भी किया है। माना जा रहा है कि सीरम की ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को किसी भी समय मंजूरी मिल सकती है। सरकार भी वैक्सीन को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। अधिक जानकारी के लिए www.mohfw.gov.in पर जाएं।

क्या सभी को एक साथ ही दी जाएगी वैक्सीन?

देश में वैक्सीन की उपलब्धता को देखते हुए सरकार सबसे पहले उन लोगों को वैक्सीन लगाने जा रही है, जिनको सबसे ज्यादा रिस्क है। सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके बाद, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है और उससे कम उम्र के जिनमें रिस्क है, उन्हें लगाई जाएगी।

क्या सभी को वैक्सीन लगवाना जरूरी होगा?

कोरोना वैक्सीन लगाना स्वैच्छिक होगा। हालांकि, वैक्सीन की पूरी डोज लेने की सलाह दी जाती है, जिससे खुद की रक्षा हो सके। इसके अलावा, अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों, सहयोगियों में बीमारी फैलने से रोका जा सके।

चूंकि, वैक्सीन कम समय में बनी है तो क्या यह सुरक्षित है?

देश में कोरोना वैक्सीन तभी लॉन्च की जाएगी, जब रेग्युलेट्री बॉडी की तरह से वैक्सीन की सुरक्षा पर हरी झंडी मिल जाएगी।

क्या जिसे अभी है कोरोना, वह भी वैक्सीन लगवा सकता है?

टीकाकरण वाली जगह पर जाने की वजह से जिसे कोरोना है या फिर उसे कोरोना होने की आशंका है, उससे और फैल सकता है। इस वजह से संक्रमित व्यक्ति को 14 दिनों का इंतजार करना होगा।

कोरोना से ठीक हुए लोगों को वैक्सीन की कितनी जरूरत?

अगर कोई कोरोना से ठीक भी हुआ है तो भी उसे वैक्सीन लगाने की सलाह दी जाती है। इससे उसे इम्यून सिस्टम को और ताकतवर बनाने में मदद मिलेगी।

अन्य देशों की तरह, भारत की वैक्सीन भी प्रभावी होगी?

हां, भारत में जिस वैक्सीन को अप्रूवल मिलेगा, वह भी अन्य देशों की तरह प्रभावी होगी। इन वैक्सीन्स के विभिन्न ट्रायल्स हुए हैं, जिससे इनकी सुरक्षित और इनके प्रभावी होने की जानकारी मिलती है।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं वैक्सीन के लिए योग्य हूं?

जैसा कि पहले ही बताया कि सबसे पहले कोरोना की वैक्सीन फ्रंटलाइन वर्कर्स, हेल्थ वर्कर्स को लगाई जाएगी। इसके बाद, 50साल से ज्यादा उम्र और हाई रिस्क वाले लोगों का नंबर आएगा। जिन लोगों को वैक्सीन लगाई जानी होगी, उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जानकारी दी जाएगी। इसमें टीकाकरण वाली जगह और समय की जानकारी होगी।

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