स्वास्थ्य

नौ देशों से पांच किस्म के कोरोना वायरस देश में पहुंचे, जीनोम सिक्वेंसिंग से निकला नतीजा…जैव प्रौद्यौगिकी विभाग का खुलासा

जैव प्रौद्यौगिकी विभाग (डीबीटी) ने देश के दस राज्यों में पाए गए एक हजार कोरोना वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग करके यह जानने की कोशिश की है कि आखिर यह देश में कहां से पहुंचा। यह पता चला कि नौ देशों से पांच किस्म के कोविड-19 वायरस देश में पाए गए हैं। विभाग ने अप्रैल में जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू की थी जो हाल में पूरी हुई है।

इसके अनुसार देश में पांच तरह के वायरस पाए गए हैं जिन्हें 19ए, 19बी, 20ए, 20बी तथा 20सी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इनमें से 19ए एवं बी वायरस चीन से भारत पहुंचे हैं, जबकि 20ए, बी तथा सी ब्रिटेन, इटली तथा सऊदी अरब से आए। 20ए देश के करीब-करीब हर हिस्से में पाया गया है जिनमें से ज्यादातर का उद्भव इटली एवं सऊदी अरब है। ब्रिटेन और स्विटरलैंड से भी यह आया है, लेकिन बहुत कम।

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सिक्वेंसिंग के नतीजे बताते हैं कि 20बी स्ट्रेन ब्रिटेन से आया तथा देश के ज्यादार हिस्सों में पहुंचा, लेकिन देश के पश्चिमी हिस्से में 20बी के ऐसे स्ट्रेन भी मिले जो ब्राजील से आए थे, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में यही स्ट्रेन इटली एवं ग्रीस से पहुंचा। यह विश्लेषण यह भी बताता है कि उत्तर और पूर्वी भारत में कोरोना के 20ए स्ट्रेन के मामले 50 फीसदी से ज्यादा पाए गए हैं, जबकि दक्षिण और पश्चिम हिस्से में 20बी सर्वाधिक 75 फीसदी तक मौजूद पाया गया। 19 ए और बी कोरोना स्ट्रेन जो ज्यादातर चीन से पहुंचे थे, उनमें से 19ए की सर्वाधिक मौजूदगी उत्तर भारत में करीब 20 फीसदी पाई गई है। जबकि पूर्व में यह 15 तथा पश्चिम एवं दक्षिणी हिस्से में छह-सात फीसदी से ज्यादा नहीं था।

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इस विश्लेषण से साफ है कि चीन से आए कोरोना स्ट्रेन का फैलाव देश में सबसे कम हुआ। इसकी वजह स्पष्ट है कि चीन की फ्लाईटों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग हो रही थी, जबकि यूरोप और अन्य देशों की फ्लाईट की स्क्रीनिंग का फैसला बाद में लिया गया था। इसके अलावा इन पांचों स्ट्रेन में कुछ मामूली म्यूटेशन भी पाए गए हैं जिनके प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है। इस सिक्वेंसिंग से दवा, टीके और जांच तकनीकों के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। इससे हमें यह भी पता चलता है कि कैसे वायरस देश में आया और फिर उसका फैलाव हुआ।

-रेनु स्वरूप, सचिव डीबीटी

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