देशशिक्षा

‘आत्म-निर्भर भारत-स्वतंत्र भारत’ विषय पर स्कूली छात्रों के लिए ऑनलाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता…उप- विषय इस प्रकार हैं…

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) देश में स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में माईगव के साथ साझेदारी में स्कूली छात्रों के लिए एक ऑनलाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। छात्र 14 अगस्त ऑनलाइन अपनी प्रविष्टियां जमा कर सकते हैं।

एमएचआरडी के अनुसार, निबंध लेखन प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं से लेकर 10वीं या माध्यमिक स्तर और 11वीं से लेकर 12वीं या उच्च माध्यमिक स्तर के विशिष्ट आयु वर्ग के विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं। परीक्षा का माध्यम ऑनलाइन होगा। इस आयोजन के लिए एनसीईआरटी नोडल एजेंसी होगी। मंत्रालय के अनुसार, निबंध लेखन के लिए मुख्य विषय ‘आत्म-निर्भर भारत-स्वतंत्र भारत’ के अंतर्गत उप-विषय इस प्रकार हैं:

1. आत्म-निर्भर भारत के लिए भारतीय संविधान और हमारा लोकतंत्र सबसे बड़े हिमायती हैं।

2. 75 साल का भारत: आत्म-निर्भर भारत की ओर बढ़ता देश।

3. एक भारत श्रेष्ठ भारत के माध्यम से आत्म-निर्भर भारत: विविधता में एकता होने पर नवाचार फलता-फूलता है।

4. डिजिटल इंडिया: कोविड-19 और उसके बाद अवसर।

5. आत्म-निर्भर भारत:राष्ट्रीय विकास में छात्रों की भूमिका।

6. आत्म-निर्भर भारत:लिंग,जाति और जातीय पूर्वाग्रहों से मुक्ति।

7. आत्म-निर्भर भारत: जैव विविधता और कृषि समृद्धि के माध्यम से नए भारत का निर्माण।

8. जब मैं अपने अधिकारों का प्रयोग करता हूं तो मुझे आत्म-निर्भर भारत के निर्माण में अपने कर्तव्यों का पालन करना नहीं भूलना चाहिए।

9. मेरी शारीरिक तंदुरुस्ती ही मेरी दौलत है जो आत्म-निर्भर भारत के लिए मानव पूंजी का निर्माण करेगी।

10. आत्म-निर्भर भारत के लिए समुद्र से लेकर हरियाली संरक्षण करें।

मंत्रालय के अनुसार निबंधों का चयन दो स्तरों पर किया जाएगा। सबसे पहले, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के स्तर पर निबंधों को अंतिम चयन किया जाएगा। दूसरा, प्रत्येक राज्य से चयनित 10 निबंधों से एनसीईआरटी द्वारा तय विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम चयन के लिए चयनित निबंधों का पूल बनेगा। एनसीईआरटी द्वारा प्रत्येक श्रेणी यानी माध्यमिक चरण और उच्चतर माध्यमिक चरण में 30 निबंधों का चयन किया जाएगा। जल्द ही राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं के लिए पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी।

केंद्र की मोदी सरकार आधे से ज्‍यादा सरकारी बैंकों का निजीकरण करने की बना रही हैं योजना, ये बैंक जल्द हो सकते हैं प्राइवेट…

Related Articles

Back to top button
Close
Close