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यूएन / भारत का इमरान को जवाब: दुनिया में पाकिस्तान अकेला देश, जो आतंकियों को पेंशन देता है

संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने भड़काऊ भाषण दिया था

भारत ने यूएन में राइट टू रिप्लाई के तहत इसका जवाब देने का फैसला किया

इमरान ने कहा था- कश्मीर के हालात को देखकर दुनिया के 130 करोड़ मुस्लिम चरमपंथी हो जाएंगे

यूएन में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी बोलीं- क्या इमरान पुष्टि कर सकते हैं कि उनकी जमीन पर यूएन द्वारा घोषित 130 आतंकियों को पनाह मिली है

न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भड़काऊ भाषण का जवाब शनिवार को दिया। भारत की ओर से विदेश मंत्रालय की फर्स्ट सेक्रेटरी विदिशा मैत्रा ने कहा कि इमरान खान द्वारा परमाणु युद्ध की बातें करना स्टेट्समैनशिप नहीं दिखाता। यह उन्हें राजनीतिज्ञ के तौर पर नहीं बल्कि अस्थिर नेता के तौर पर दिखाता है।

मैत्रा ने कहा कि एक इंसान जो कभी जेंटलमैन्स गेम क्रिकेट खेलता था, उन्होंने दुनिया के सामने नफरत भरा भाषण दिया।

पाक अकेला देश है, जो आतंकियों को पनाह देता है

उन्होंने कहा कि दुनिया में पाक अकेला देश है, जो आतंकियों को पनाह देता है। क्या पाकिस्तान इस बात को मानता है कि वह 130 आतंकियों का पनाहगाह है। इनमें से 25 यूएन द्वारा घोषित आतंकी है। क्या पाकिस्तान बता सकता है कि क्यों वह अलकायदा और अन्य आतंकियों के लिए पेंशन देता है। क्या प्रधानमंत्री खान यह कबूलेंगे कि पाक ओसामा बिन लादेन का बचाव करने वाला देश था।

भारतीय नागिरकों को बिल्कुल जरूरत नहीं है कि कोई उनके लिए बोले: भारत

मैत्रा ने कहा- हम आपसे मांग करेंगे कि आप इतिहास को याद रखें। आप न भूले कि 1971 में पाक ने किस तरह ईस्ट पाकिस्तान में अपने ही लोगों का नरसंहार किया था। लोगों को पाकिस्तान जाकर नागिरकों का हाल देखना चाहिए। जहां पाकिस्तान आतंकवाद पर जोर देता है, वहीं भारत विकास के मुद्दे पर। भारतीय नागिरकों को बिल्कुल जरूरत नहीं है कि कोई उनके लिए बोले।

इमरान खान से जो कुछ भी सुना वह दुनिया के प्रति उनका एकतरफा नजरिया था

मैत्रा ने कहा- पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने यूएन ऑब्जर्वरों को पाकिस्तान आने को कहा है ताकि यह जांच की जा सके कि वहां कोई आतंकी संगठन सक्रिय नहीं है? क्या दुनिया उन्हें इस वादे को याद दिलाएगी। हमने इमरान खान से जो कुछ भी सुना वह दुनिया के प्रति उनका एकतरफा नजरिया था। इसमें मैं बनाम बाकी सब, अमीर बनाम गरीब, उत्तर बनाम दक्षिण, विकसित देश बनाम विकासशील देश और मुस्लिम धर्म बनाम अन्य धर्म की बाते थीं।

9/11 से पहले श्रीलंका में हिंदू आत्मघाती हमले करते थे: इमरान

इससे पहले इमरान खान ने शुक्रवार को दिए भाषण में कहा था कि कश्मीर के हालात देखकर दुनिया में मौजूद 130 करोड़ मुस्लिम चरमपंथी हो जाएंगे। कश्मीर में होता तो मैं भी बंदूक उठा लेता, वहां कर्फ्यू हटते ही रक्तपात होगा। 9/11 से पहले श्रीलंका में हिंदू आत्मघाती हमले करते थे, मगर उन पर कोई इल्जाम नहीं लगाता।