स्वास्थ्य

कोरोना वाइरस महामारी: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को दिया निर्देश, कोरोना मरीजों के लिए तय करें एंबुलेंस के उचित रेट…

कोरोना वायरस संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने आज अस्पताल में एंबुलेंस के किराए को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि कोविड-19 मरीजों के लिए एंबुलेंस सेवाओं के लिए उचिक रेट फिक्स किए जाएं। गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता है, अब तक देशभर में 45,62,415 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि की जा चुकी है। इस बीच कई मरीजों ने समय पर एंबुलेंस ना मिलने और उसके अधिक किराए को लेकर शिकायत की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपों पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी राज्यों को आज कड़े शब्दों में निर्देश दिया है कि एंबुलेंस सेवाओं के लिए उचित किराया तय किया जाए।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना के 96,551 नए मामले सामने आए हैं और 1,209 मरीजों की मौत हुई है। अब कुल मामलों की संख्या 45,62,415 हो गई है, जिसमें 9,43,480 सक्रिय मामले हैं जबकि 35,42,664 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, 10 सितंबर तक कोरोना वायरस के लिए कुल 5,40,97,975 टेस्ट किए गए हैं।

इस बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने देशभर में किए गए सीरो-सर्वे के परिणाम जारी कर दिए हैं। जिसमें हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। सर्वे के अनुसार, कोरोना वायरस देश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया है। जहां संक्रमण की दर 69.4 फीसदी पाई गई है। यानी ग्रामीण भारत में रहने वाले 44.4 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। वहीं संक्रमण की दर शहरी झुग्गियों में 15.9 फीसदी और शहरी गैर-मलिन बस्तियों में 14.6 फीसदी दर्ज की गई है। आईसीएमआर के मुताबिक सीरो पॉजिटिविटी दर सबसे अधिक 18-45 आयु वर्ग में 43.3 फीसदी रही है। ये दर 46-60 आयु वर्ग में 39.5 फीसदी और 60 साल से अधिक आयु वर्ग में सबसे कम 17.2 फीसदी रही है। इस सर्वे में हैरान करने वाली बात ये भी सामने आई है कि सीरो पॉजिटिविटी दर उन जिलों में भी पाई गई है, जहां संक्रमण के एक भी केस दर्ज नहीं किए गए।

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