स्वास्थ्य

कोविड-19: कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों के पर पड़ रहा है वायरस का बुरा असर…अब नई परेशानियों के साथ अस्पताल में भर्ती…

भारत में भी महामारी से ठीक हो चुके मरीजों के दिल और फेफड़ों में वायरस का असर दिख रहा है। अस्पताल में लंबे वक्त तक वेंटिलेटर पर रहे मरीजों में ऐसे असर ज्यादा देखे जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ गई है जो हाल में कोरोना से ठीक हुए थे और अब नई परेशानियों के साथ अस्पताल आ रहे हैं।

गौरतलब है कि कई वैज्ञानिक शोध यह बता चुके हैं कि यह वायरस, फेफड़ों के अलावा मस्तिष्क, गुर्दा व दूसरे बड़े अंगों पर भी लंबे वक्त तक असर डालता है।एक समाचार एजेंसी को अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञ एस चटर्जी ने बताया कि कई ठीक हो चुके कोविड मरीजों में चार से पांच सप्ताह तक हल्का बुखार बना रहता है।

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कई मरीजों को लंबे वक्त तक दस्त व पेट से जुड़ी परेशानियां महसूस हो रही हैं। मगर सबसे चिंता की बात यह है कि कुछ मरीजों के हृदय के ऊतकों में इंफ्लेमेशन के लक्षण दिख रहे हैं। वहीं, कुछ मरीज ऐसे हैं, जिनमें बॉडी पोश्चर से जुड़े ब्लड प्रेशर की समस्या विकसित होने लगी है।

फेफड़ों में ऑक्सीजन का स्तर घट रहा

मुंबई के सैफी अस्पताल के एस. चटर्जी का कहना है कि कई ठीक हो चुके मरीजों में अब लंग फाइब्रोसिस के लक्षण दिख रहे हैं। उनके पास ऐसे 25 मरीज हैं जिनके फेफड़ों में ऑक्सीजन का स्तर घटने लगा है। इस बीमारी के असर को ठीक किया जाना फिलहाल संभव नहीं है।

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