शिक्षा

जांच रिपोर्ट और सेंटर प्रभारी के बयान ने किया साफ…अग्रगमन सेंटर में नहीं हुई प्रैक्टिकल परीक्षा…पढ़िए आरटीआई से निकाले गए दस्तावेज क्या कह रहे हैं…

कोरबा। करतला ब्लॉक स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तुमान के चार छात्रों को बिना परीक्षा दिए प्रैक्टिकल अंक देने के मामले में 33 स्कूल के प्राचार्यों, कोरबा डीईओ और अग्रगमन सेंटर के प्रभारी की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

दरअसल, कोरबा जिले के 33 प्राचार्यों ने आरटीआई में यह जवाब दिया है कि उनके यहां चयनित स्टूडेंट्स की प्रैक्टिकल परीक्षा अग्रगमन कोचिंग सेंटर में हुई और अग्रगमन सेंटर प्रभारी द्वारा भेजी गई अंकतालिका के आधार पर स्टूडेंट्स को नंबर दिए गए हैं। डीईओ सतीश पांडेय पहले ही प्राचार्यों के हां-हां में मिला चुके हैं। आरटीआई से जवाब आने से पहले ही वे मीडिया के सामने चिल्लाकर कह चुके हैं कि अग्रगमन सेंटर में प्रैक्टिकल परीक्षा हुई है। इधर, शिक्षा संभाग बिलासपुर को अग्रगमन सेंटर के प्रभारी एमपी सिंह ने लिखित में दिया है कि अग्रगमन सेंटर में किसी तरह की कोई प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं हुई है। परीक्षा तिथि जारी होने से पहले हुई बैठक में प्राचार्यों को उनके मूल संस्था में ही प्रैक्टिकल परीक्षा लेने के निर्देश दिए गए थे।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तुमान के प्राचार्य पुरुषोत्तम पटेल पर यह आरोप सिद्ध हो गया है कि उन्होंने परीक्षा में अनुपस्थित चार छात्रों को प्रैक्टिकल अंक दिए हैं। शिक्षा संभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक द्वारा गई जांच में इस मामले में पुरुषोत्तम पटेल और अग्रगमन सेंटर प्रभारी एमपी सिंह को दोषी पाया गया है। इन पर कार्रवाई की अनुशंसा कर रिपोर्ट डीपीआई को भेजी गई है। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने बिना परीक्षा दिए प्रैक्टिकल अंक दिए जाने के मामले में हुई शिकायत की जांच रिपोर्ट निकलवाई है, जिसमें कई तरह से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार डीईओ सतीश पांडेय ने शिक्षा संभाग बिलासपुर के किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है। जबकि उन्होंने दो माह पहले यह बयान दिया कि अग्रगमन सेंटर में प्रैक्टिकल परीक्षा हुई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कहा है कि 2019-20 में अग्रगमन सेंटर को प्रैक्टिकल परीक्षा का सेंटर नहीं बनाया गया था। अग्रगमन सेंटर प्रभारी एमपी सिंह ने लिखित में बयान दिया है कि अग्रगमन सेंटर में कोई प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं हुई है। तुमान स्कूल के प्राचार्य पटेल ने चार छात्रों को किस आधार पर अंक दिए हैं, यह उन्हें नहीं मालूम। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने उन 33 प्राचार्यों से भी सूचना के अधिकार के तहत प्रैक्टिकल परीक्षा की जानकारी निकवाई है, जिनके यहां के बच्चों का चयन अग्रगमन सेंटर में हुआ था। इन 33 स्कूल के प्राचार्यों ने तरह-तरह के जवाब दिए हैं, लेकिन सभी ने तुमान स्कूल के प्राचार्य पटेल के कारनामे पर पर्दा डालने की कोशिश की है।

33 स्कूल के प्राचार्यों के खिलाफ होगी शिकायत

आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि जिन 33 स्कूलों के प्राचार्यों ने तुमान स्कूल के प्राचार्य के पक्ष में जवाब दिया है, उनके खिलाफ भी शिक्षा संभाग बिलासपुर से शिकायत की जाएगी, जिसमें मांग की जाएगी कि इनके स्कूल से अग्रगमन सेंटर में चयनित स्टूडेंट्स को किस आधार पर प्रैक्टिकल अंक दिए गए हैं, उसकी जांच की जाए। आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि वैसे भी यह साफ हो गया है कि अग्रगमन सेंटर में किसी तरह की प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं हुई है। बिना परीक्षा दिए अंक बांटने के मामले में तुमान स्कूल के साथ ही अन्य स्कूलों के प्राचार्य फंसेंगे।

एसीबी और ईओडब्ल्यू से की जाएगी शिकायत

आरटीआई कार्यकर्ता का कहना है कि वे बिना परीक्षा दिए प्रैक्टिकल अंक देने के मामले को लेकर एसीबी और ईओडब्ल्यू में शिकायत करेंगे। इसके लिए उन्होंने आरटीआई के तहत सारे दस्तावेज निकवाए हैं। पहले तो एक स्कूल के प्राचार्य को इस मामले में पार्टी बनाया जाएगा। उसके बाद सभी 33 स्कूलों के प्राचार्यों के खिलाफ कोर्ट में मामला दायर किया जाएगा।

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