Wednesday, April 29, 2026
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विधानसभा चुनाव: मतदान प्रक्रिया में धांधली रोकेगा सी विजिल एप, जानें कब खत्म हो रहा है विधानसभाओं का कार्यकाल


पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार सी-विजिल ऐप खास होगा. सी-विजिल ऐप के जरिये जनता मतदान प्रक्रिया में होने वाली किसी भी तरह की गड़बड़ी से चुनाव आयोग को अवगत करा सकेगी. आचार संहिता के उल्लंघन से लेकर बूथों पर होने वाली गड़बड़ियों को मतदाता चुनाव आयोग के समक्ष उजागर कर सकेंगे. इस ऐप का इस्तेमाल कर लोग चुनाव प्रक्रिया में होने वाली गड़बडिय़ों का फोटो या वीडियो आयोग तक भेज सकेंगे.

चुनाव आयोग के अनुसार इस ऐप से फोटो या वीडियो भेजने के बाद शिकायकर्ता को उसकी शिकायत पर 100 मिनट के भीतर जानकारी भी दी जाएगी. शिकायतकर्ता की शिकायत संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के मेल पर आएगी, उप निर्वाचन अधिकारी उसे वैरिफाई करके कुछ ही मिनटों में एफआईआर दर्ज करवा देगा. इस ऐप का इस्तेमाल सिर्फ चुनाव की घोषणा वाले स्थानों पर ही हो सकेगा. ऐप का बीटा वर्जन लोगों और चुनाव कर्मियों के लिए उपलब्ध होगा. बताते चलें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान इस ऐप का प्रयोग सफल रहा था. इस बार इसके व्यापक इस्तेमाल की तैयारी है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने बताया कि चुनाव के दौरान निर्वाचन नियमों के उल्लंघन की शिकायत मोबाइल ऐप ‘सी विजिल’ के जरिये मतदाता कर सकेंगे. इससे पहले इस ऐप को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान सिर्फ बेंगलुरु विधानसभा सीट पर सफलता पूर्वक प्रयोग किया गया था. अब पहली बार इसका व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल किया जायेगा.

12 से 7 नवंबर तक होंगे चुनाव

चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में 12 नवंबर से सात दिसंबर के बीच विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की. मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने यहां संवाददाता सम्मेलन में चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए बताया कि सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 12 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान होगा. मध्य प्रदेश और मिजोरम में एक ही चरण में 28 नवंबर को तथा राजस्थान एवं तेलंगाना में सात दिसंबर को मतदान कराये जायेंगे. सभी पांचों राज्यों में एक साथ 11 दिसंबर को मतगणना होगी.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव

रावत ने बताया कि 119 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा की नक्सल प्रभावित 18 सीटों पर पहले चरण में 12 नवम्बर को मतदान होगा. इसके लिए 16 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की जायेगी. नामांकन की अंतिम तारीख 23 अक्तूबर होगी . इसके अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 26 अक्तूबर तय की गयी है. दूसरे चरण में राज्य की शेष 72 सीटों के लिए अधिसूचना 26 अक्तूबर को जारी की जायेगी. नामांकन की अंतिम तिथि दो नवंबर, नामांकन पत्रों की जांच तीन नवंबर और नामांकन वापसी की अंतिम तिथि पांच नवंबर तय की गयी है. इन सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा.

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव

रावत ने बताया कि मध्य प्रदेश की 230 और मिजोरम की 40 विधानसभा सीटों के लिये एक ही चरण में 28 नवंबर को मतदान होगा. इसके लिये दो नवंबर को अधिसूचना जारी की जायेगी. नामांकन की अंतिम तारीख नौ नवंबर, नामांकन पत्रों की जांच 12 नवंबर और नामांकन पत्र वापसी की अंतिम तारीख 14 नवंबर तय की गयी है.

जानें कब खत्म हो रहा है विधानसभाओं का कार्यकाल

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को, मध्य प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल सात जनवरी को, राजस्थान विधानसभा का कार्यकाल 20 जनवरी और मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल इस साल 15 दिसंबर को समाप्त होगा.

शतप्रतिशत वीवीपेट युक्त ईवीएम से मतदान

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले तीन नवंबर को कर्नाटक में लोकसभा की तीन और विधानसभा की दो सीटों के लिये उपचुनाव भी कराया जायेगा. राज्य की शिमोगा, बेल्लारी और मांद्या लोकसभा सीट तथा रामनगरम एवं जामखांडी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिये नौ अक्तूबर को अधिसूचना जारी की जायेगी. यहां नामांकन की अंतिम तिथि 16 अक्तूबर, नामांकन पत्रों की जांच 17 अक्तूबर, नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर तय की गयी है. उपचुनाव के लिये मतगणना छह नवंबर को होगी.

रावत ने बताया कि सभी पांच राज्यों में शतप्रतिशत वीवीपेट युक्त ईवीएम से मतदान कराया जायेगा. उन्होंने बताया कि इन चुनावों में प्रत्येक मतदान केन्द्र पर पहली बार मतदाता सहायता बूथ बनाये जायेंगे.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अनुपालन

साथ ही आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को चुनाव प्रक्रिया से दूर करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले का अनुपालन करते हुये उम्मीदवारों द्वारा पेश किये जाने वाले हलफनामे की रूपरेखा में बदलाव किया गया है. इसमें प्रत्येक उम्मीदवार को लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी विभिन्न मीडिया माध्यमों से सार्वजनिक करने के पालन की जानकारी देनी होगी.

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